पीसी को कैसे तेज करें - How To Fast My PC in Hindi

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पीसी को कैसे तेज करें - 
How To Fast My PC in Hindi


How To Fast My PC in Hindi
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How To Fast My PC in Hindi


Why PC Slow?

Slow कंप्यूटर के सबसे आम कारणों में से एक पृष्ठभूमि में चल रहे प्रोग्राम हैं। किसी भी टीएसआर और स्टार्टअप प्रोग्राम को हटाएं या अक्षम करें जो प्रत्येक बार कंप्यूटर बूट होने पर स्वचालित रूप से प्रारंभ होते हैं। युक्ति: यह देखने के लिए कि पृष्ठभूमि में कौन से प्रोग्राम चल रहे हैं और कितनी मेमोरी और सीपीयू वे उपयोग कर रहे हैं, कार्य प्रबंधक खोलें।


How To Know PC Works Slow



In the above-mentioned surveys, you can assume that PC Slow is:


- जब Computer On करते हैं तो उसके शुरू होने में एक मिनट से ज्यादा वक्त लगे।

- Application or Software के यूज के दौरान Dialog Box के Screen पर दिखने में 15 सेकंड से ज्यादा समय लगे यानी किसी चीज पर Click करने के बाद उसके Open होने में बहुत वक्त लगे।

- Command देने के बाद Window 10 सेकंड तक ओपन न हो।


Special reasons for being slow:


  1. RAM की कपैसिटी कम होने और ऐप्लिकेशन का बोझ बढ़ने से |
  2. System में Virus आने से |
  3. नकली या फिर बिना license वाले सॉफ्टवेयर का यूज करने से |
  4. New Application और CPU की Speed में तालमेल नहीं होने से |
  5. एक साथ कई ऐप्लिकेशंस पर काम करने से |
  6. Games और Sound व High Pictures वाले Screensaver भी कंप्यूटर की Speed को कम कर देते हैं |


Memory is in short supply will be less



माइक्रोटेक सिस्टम के डायरेक्टर एस. सी. जैन के अनुसार ज्यादातर RAM की कपैसिटी कम होने और वर्क लोड लगातार बढ़ने की वजह से कंप्यूटर की स्पीड कम हो जाती है। इसलिए यूज के हिसाब से RAM की कपैसिटी बढ़ानी चाहिए। दरअसल Quark, Photoshop, Video player जैसे कई Application Space के भूखे होते हैं। इन पर काम करने के साथ ही Memory में Space कम होता जाता है। इस दौरान जब कई Software पर एक साथ काम किया जाता है, तब कंप्यूटर के हैंग और स्लो होने का खतरा बढ़ जाता है। bakol jain, 2 जीबी की RAM, 3 megahertz की Speed में चलने वाला CPU और 160 से 320 GB तक की HDD से लैस कंप्यूटर में स्लो या हैंग होने की दिक्कत कम आती है। ऐसे कंप्यूटर पर जनरल प्रोग्राम्स के साथ इंटरनेट से कंटेंट Downloading के अलावा Audio-Video application को भी चलाया जा सकता है।

How to Learn User Space



जब हम एक साथ कई Application को ऑपरेट करते हैं तो मेमरी स्पेस कम हो जाता है। इसलिए जब कंप्यूटर स्लो होने लगे तो चेक करें कि कौन सा ऐप्लिकेशन प्रॉसेसर को रोक रहा है या कितने स्पेस का यूज हो रहा है। चेक करने का तरीका आसान है:

Step 1 - CRTL+ ALT + DEL करें, एक नई विंडो स्क्रीन सामने आएगी। इसमें टास्क मैनेजर पर क्लिक करें।

How To Fast My PC in Hindi
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Step 2 - फिर उसमें 'Processes' का बटन Click करें।

Step 3- Screen पर एक लिस्ट दिखेगी, अब मेम. यूसेज पर क्लिक करें। 
फाइलें अरेंज हो जाएंगी। अब फाइल्स और ऐप्लिकेशन की साइज के मुताबिक अपनी फौरी प्राथमिकता तय करें यानी यह तय करें कि फिलहाल किस ऐप्लिकेशन को बंद किया जा सकता है और किसे नहीं।

Step 4 - फिर उस Application को बंद करें, कंप्यूटर की स्पीड बढ़ जाएगी।



If you want to avoid slow computer-



1. आपके कंप्यूटर की C: Drive में कम-से-कम 300 से 500 MB फ्री स्पेस हो। इसे देखने के लिए My Computer पर Click करें, उसमें C: Drive जहां लिखा है, उसके सामने स्पेस की जानकारी मिल जाती है।

2. अगर C: drive में Space फुल हो तो वहां पड़ी बेकार की फाइलें और प्रोग्राम्स को Delete कर दें।

3. अगर c: drive की Memory में 256 Mb से कम Space बचा है तो Games न खेलें।

4. Hard drive को Arrange करने के लिए महीने में एक बार डिस्क फ्रेगमेंटर जरूर चलाएं। यह आपकी हार्ड डिस्क में सेव की गई अव्यवस्थित फाइलों और फोल्डरों को अल्फाबेट के हिसाब से दोबारा अरेंज करता है।



How to Use Disk Fragment



Start /Programmes / Accessories / System tool / Disk defragmenter पर क्लिक करने के बाद विंडो स्क्रीन पर आएगा। फिर उसमें Defragment ऑप्शन पर क्लिक करें। डिस्क क्लीनर के ऑप्शन पर क्लिक करते ही टेंपररी और करप्ट फाइलें इरेज हो जाती हैं।

5. अगर एक सिस्टम में दो विडियो ड्राइवर (मसलन, विंडो मीडिया प्लेयर और वीएलसी प्लेयर) हैं तो बारी-बारी उनका यूज करें, दोनों को एक साथ बिल्कुल न चलाएं।

6. किसी नए विंडो सॉफ्टवेयर को रीलोड करने से पहले उसके पुराने वर्जन को डिलीट करें।

7. इंटरनेट से ऐंटि-वायरस और प्रोग्राम डाउनलोड करने से परहेज करें, डुप्लिकेट ऐंटि-वायरस प्रोग्राम्स को करप्ट (खत्म) कर सकता है।

8. पुराने सॉफ्टवेयर पर नए प्रोग्राम्स को रन न करें

9. नए प्रोग्राम के हिसाब से सॉफ्टवेयर लोड कर अपने सिस्टम को अपडेट करें।

10. जब एक साथ तीन सॉफ्टवेयर प्रोग्राम चल रहे हों तो इंटरनेट को यूज न करें।

11. जब सिस्टम स्लो होने लगे तो लगातार कमांड न दें वरना कंप्यूटर हैंग हो सकता है।

12. Pendrive यूज करते समय ध्यान रखें कि वह कहीं अपने साथ वायरस तो आपके कंप्यूटर से शेयर नहीं कर रहा है। पेन ड्राइव को सिस्टम से अटैच करने के बाद ओपन करने से पहले स्कैन करें। अगर आपके सिस्टम में इफेक्टिव ऐंटि-वायरस नहीं है, तो पेन ड्राइव को फॉर्मेट भी किया जा सकता है। फॉर्मेट करना बेहद आसान है। पेन ड्राइव का आइकन कंप्यूटर पर आते ही उस पर राइट क्लिक करें। फॉर्मेट का ऑप्शन आ जाता है। मगर ध्यान रखें कि फॉर्मेट करने पर पेन ड्राइव का पूरा डेटा डिलीट हो जाता है।

13. बीच-बीच में सिस्टम से Temp इंटरनेट फाइल्स को भी डिलीट करना जरूरी है। इसके लिए ब्राउजर ( इंटरनेट एक्सप्लोरर या मोजिला) ओपन करते ही ऊपर की तरफ टूल्स का ऑप्शन लिखकर आता है। उस पर क्लिक कर इंटरनेट ऑप्शन को चुन लें। ऐसा करते ही एक नया विंडो खुलेगा, जिसमें एक ऑप्शन ब्राउजिंग हिस्ट्री और कुकीज को डिलीट करने का भी होगा। इस पर क्लिक करते ही टेंपरेरी फाइल्स डिलीट हो जाती हैं।


Check BIOS




BIOS गैर-अस्थिर Firmware है जो Booting Work के दौरान Hardware प्रारंभ करने के लिए उपयोग किया जाता है, और Operating System और Application के लिए रनटाइम सेवाएं प्रदान करता है। BIOS firmware व्यक्तिगत कंप्यूटर के सिस्टम बोर्ड पर पूर्व-स्थापित होता है, और यह चालू होने पर चलाने वाला पहला सॉफ़्टवेयर है
कंप्यूटर ऑन करने के बाद और विंडो के अपलोड होने से पहले जब स्क्रीन ग्रे शेड की होती है और एक कर्सर ब्लिंक कर रहा होता है, उस समय F2 कमांड दें। सिस्टम का सारा कन्फीगरेशन आपके सामने होगा। अगर किसी सॉफ्टवेयर में एरर है, तो कंप्यूटर इस बारे में भी बताएगा।


Get the virus out!





एक कंप्यूटर वायरस एक प्रकार का दुर्भावनापूर्ण सॉफ़्टवेयर है, जिसे निष्पादित किया जाता है, अन्य कंप्यूटर प्रोग्रामों को संशोधित करके और अपना कोड डालने से खुद को दोहराता है। जब यह प्रतिकृति सफल हो जाती है, तब प्रभावित क्षेत्रों को कंप्यूटर वायरस के साथ "संक्रमित" कहा जाता हैवायरस का नाम भी स्क्रीन पर कोने में आने वाले पॉप अप विंडो के जरिए आने लगता है। इसके अलावा वायरस होने पर तमाम फाइल और फोल्डर्स के डुप्लिकेट बनने लगते हैं। कई फोल्डर्स में ऑटो रन की फाइल अपने आप बन जाती है। बिना कमांड के अनवॉन्टेड फाइलें खुलने और बनने लगेंगी। जब कंप्यूटर इंटरनेट से कनेक्ट हो और लगातार ऐंटि-वायरस लोड करने की गुजारिश की जा रही हो तब मान लीजिए कि वायरस अटैक हो चुका है।


  • सिस्टम से वायरस को हटाने के लिए ओरिजिनल ऐंटि-वायरस लोड करें, यह पूरे कंप्यूटर में वायरस को ढूंढकर खत्म करेगा।

  • कॉम्बो फिक्स, अविरा, नॉरटन, साइमेनटेक, मैकेफी जैसे कई पॉप्युलर ऐंटि वायरस मार्केट में एक से दो हजार रुपये की प्राइस रेंज में मिल जाते हैं। एक साल के लिए मिलने वाले इन ऐंटि-वायरस को ऑनलाइन अपडेट भी किया जाता है।

  • इंटरनेट से फ्री में Download होने वाले Anti-Virus की Expiry तय होती है। कई बार सिर्फ Trail Version ही मिलता है, इसलिए इंटरनेट से Anti-Virus उधार न लें तो बेहतर है।

  • अगर Hardware में Problem हो तो जिस कंपनी का प्रॉडक्ट हैं, वहां संपर्क करें। कई कंपनियां सिस्टम और पार्ट्स की गारंटी या वॉरंटी देती हैं, इस फैसिलिटी का उपयोग करें। एक्सपर्ट कंपनी के पार्ट्स को विश्वसनीय मानते हैं हालांकि नेहरू प्लेस, वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया या लोकल मार्केट से सिस्टम को दुरुस्त कराने में जेब कम हल्की होगी। 





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